(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। जिलास्तरीय पत्रकार वार्ता में महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की वरिष्ठ महिला पदाधिकारी डॉ. रश्मि चंद्राकर ने स्थानीय रेस्ट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें महिला आरक्षण को लेकर जनता को भ्रमित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त कर चुका है और कानून बन चुका है, इसके बावजूद इसे लागू नहीं किया जाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा यह झूठा प्रचार कर रही है कि विपक्ष के विरोध के कारण बिल पास नहीं हुआ, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

परिसीमन को बताया ‘बहाना’
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब कानून बन चुका है, तो इसे तुरंत लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना परिसीमन के इंतजार के भी वर्तमान सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता है, लेकिन सरकार जानबूझकर देरी कर रही है।
संविधान संशोधन विधेयक पर भी उठाए सवाल
16 अप्रैल 2026 को संसद में प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने कहा कि इसका सीधा संबंध महिला आरक्षण से नहीं है। आरोप लगाया गया कि इसके माध्यम से भाजपा परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में बदलाव करना चाहती है।
प्रस्तावित विधेयक में लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने की बात कही गई है, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित हैं।
जनगणना को लेकर भी घिरी सरकार
कांग्रेस ने सवाल किया कि जब 2026-27 में नई जनगणना प्रस्तावित है और सरकार खुद जातिगत जनगणना की बात कर रही है, तो फिर 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन क्यों किया जा रहा है। उनका कहना है कि नई जनगणना के बाद ही परिसीमन होना चाहिए।
तुरंत लागू करने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार की मंशा साफ है तो अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जा सकता है। वर्तमान में 2034 से लागू करने की बात कही जा रही है, जो महिलाओं के साथ अन्याय है।

कांग्रेस ने गिनाए अपने ऐतिहासिक प्रयास
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने महिला आरक्षण को लेकर अपने पुराने प्रयासों का भी उल्लेख किया। बताया गया कि पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की शुरुआत कांग्रेस सरकारों ने की थी। 1989 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इसकी पहल की थी, जिसे 1993 में पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार ने कानून का रूप दिया।
साथ ही 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संसद में महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा से पारित कराया गया था।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिला आरक्षण लागू करने की नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने की है। पार्टी ने मांग की कि महिलाओं को उनका अधिकार जल्द से जल्द दिया जाए।
इस दौरान कांग्रेस के कई महिला एवं पुरुष पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















