(संवाद एक्सप्रेस)देवभोग। गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भैंसमुड़ा (सरनाबहाल) में सोमवार देर रात करीब 12 बजे पैरा (जंगली) मशरूम खाने के बाद एक ही परिवार के चार लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमलीपदर लाया गया, जहां एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें 108 संजीवनी एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग रेफर किया गया।
बीमार होने वालों में नवीन सोरी (40 वर्ष), बेलमती सोरी (14 वर्ष), शोभाराम सोरी (11 वर्ष) और संतोष सोरी (9 वर्ष) शामिल हैं। सभी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, परिवार ने पैरा (जंगली) मशरूम का सेवन किया था, जिसके कुछ समय बाद सभी को उल्टी, घबराहट और अन्य फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण महसूस होने लगे। स्थिति बिगड़ने पर ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल अमलीपदर अस्पताल पहुंचाया गया।
अमलीपदर से देवभोग रेफर किए जाने के दौरान 108 संजीवनी एंबुलेंस के EMT मनीष साहू और पायलट उपेंद्र यादव ने मरीजों को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल चारों मरीजों का देवभोग अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जंगली मशरूम के सेवन से फूड पॉइजनिंग की आशंका है और मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल या खेतों में उगने वाले अज्ञात मशरूम का सेवन करने से बचें, क्योंकि कई जंगली मशरूम जहरीले होते हैं और गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकते हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















