(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन के लिए किसान पंजीयन को लेकर छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। शासन द्वारा 5 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देश के अनुसार संयुक्त खाते में धान विक्रय के लिए अब केवल लम्बरदार का एग्रीस्टैक पंजीयन आवश्यक होगा। वहीं सह-खातेदारों को अलग से एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। शासन के इस निर्णय से संयुक्त खाताधारक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। कई सह-खातेदारों वाले संयुक्त खातों में प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की प्रक्रिया से किसानों को अनावश्यक परेशानी और भागदौड़ करनी पड़ सकती थी। शासन के इस स्पष्टीकरण के बाद अब किसानों के लिए धान विक्रय की प्रक्रिया सरल और सुगम होगी।
किसानों की व्यावहारिक परेशानी को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
गरियाबंद जिले के किसान नेता एवं सभापति देवेंद्र ठाकुर देवभोग ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संयुक्त खातों में कई सह-खातेदार होने के कारण प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन कराने से किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। उन्होंने कहा कि शासन के इस स्पष्टीकरण से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और धान विक्रय की प्रक्रिया भी आसान होगी। विशेष रूप से संयुक्त खाताधारक किसानों को पंजीयन संबंधी अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी।
किसान हित में सरकार का निर्णय सराहनीय
देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय स्वागत योग्य और सराहनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि सरकार द्वारा किसानों की वास्तविक और व्यावहारिक समस्याओं को समझकर लिए जा रहे ऐसे फैसले निश्चित रूप से किसान हित में हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments











