(संवाद एक्सप्रेस)देवभोग। गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करचिया में मानवता और साहस की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। उफनती तेल नदी के बीच दो दिनों से फंसे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को गुरुवार शाम करचिया के दो युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऊपरपीटा निवासी फूल सिंह यादव अपने रिश्तेदार के यहां करचिया आया हुआ था। भोजन करने के बाद वह अपने गांव लौटने के लिए तेल नदी पार करने लगा। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और वह बीच धारा में फंस गया। तेज बहाव के कारण वह न आगे बढ़ सका और न ही वापस लौट पाया।
गुरुवार सुबह करीब छह बजे करचिया के एक ग्रामीण की नजर नदी के बीच फंसे युवक पर पड़ी। युवक जोर-जोर से मदद की गुहार लगा रहा था और कह रहा था, “मैं नदी में फंस गया हूं, मुझे बचा लो।” ग्रामीण ने तत्काल गांव पहुंचकर लोगों को इसकी सूचना दी और उसके परिजनों से संपर्क किया। तब पता चला कि नदी के बीच फंसा युवक ऊपरपीटा निवासी फूल सिंह यादव है, जो पिछले दो दिनों से वहीं फंसा हुआ था।

सुबह नदी का जलस्तर और बहाव इतना तेज था कि तत्काल रेस्क्यू करना संभव नहीं था। इसलिए ग्रामीण लगातार उस पर नजर बनाए रहे और पानी कम होने का इंतजार करते रहे।
शाम को जब नदी का जलस्तर कुछ कम हुआ, तब ठाकुर निषाद और देवी सिंह यादव ट्यूब के सहारे नदी में उतरे। दोनों युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए साहस और सूझबूझ का परिचय दिया तथा फूल सिंह यादव को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू के बाद पूरे गांव में राहत की सांस ली गई। ग्रामीणों ने ठाकुर निषाद और देवी सिंह यादव की बहादुरी की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यह साहसिक रेस्क्यू नहीं किया जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
करचिया के इन दोनों युवाओं का यह साहसिक कार्य क्षेत्र में मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















