(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। जिले में खाद-बीज की कालाबाजारी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कृषि विभाग की टीम ने देवभोग और मैनपुर विकासखंड के बीज विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर 666 बोरी धान बीज जब्त करते हुए 3 बीज विक्रय केंद्रों को सील कर दिया है।
कलेक्टर भगवान सिंह उईके के निर्देश और उप संचालक कृषि चंदन रॉय के मार्गदर्शन में सहायक संचालक कृषि एवं बीज निरीक्षक अनिल कुमार कौशिक ने 2 जून 2026 को देवभोग और मैनपुर क्षेत्र के चार बीज विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मेसर्स विकास ट्रेडर्स सीनापाली, मेसर्स शारदा बीज उत्पाद सीनापाली, मेसर्स लच्छु धान बीज एवं मक्का भंडार ढोर्रा तथा मेसर्स मिश्रा ट्रेडर्स धनौरा में बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 एवं बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के प्रावधानों के उल्लंघन पाए गए।

निरीक्षण में अघोषित परिसर में बीज भंडारण, बिना स्रोत प्रमाण पत्र के बीज विक्रय, विक्रय संबंधी दस्तावेजों का संधारण नहीं करना, मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, वरिष्ठ कार्यालय को मासिक प्रतिवेदन नहीं भेजना तथा बिना लाइसेंस के बीज विक्रय जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
इन अनियमितताओं के चलते तीन प्रतिष्ठानों में उपलब्ध धान बीज को जब्त कर सील बंद किया गया तथा संबंधित प्रतिष्ठानों में रखे 666 बैग धान बीज के विक्रय पर 10 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।

किसानों से की गई अपील
कृषि विभाग ने किसानों से केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही निर्धारित दर पर बीज एवं उर्वरक खरीदने तथा खरीदारी का पक्का बिल लेने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि यदि कहीं खाद-बीज की कालाबाजारी, अधिक कीमत वसूली या अनधिकृत विक्रय की जानकारी मिले तो तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूचित करें।
विभाग ने किसानों से अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचने की भी अपील की है। किसी भी समस्या की स्थिति में किसान अपने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहकारी समिति अथवा जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के नंबर 9977106777, 7987538588 और 9131198044 पर संपर्क कर सकते हैं।
कृषि विभाग के अनुसार किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज और उर्वरक उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















