(संवाद एक्सप्रेस)मैनपुर | मैनपुर विकासखंड से एक ही दिन दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं। पहली तस्वीर प्रशासनिक तंत्र की संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल है, जहां डायल-112 और 108 संजीवनी एक्सप्रेस की त्वरित कार्रवाई से रायपुर की एक मानसिक रूप से कमजोर महिला की जान बच गई। वहीं दूसरी तस्वीर राजापड़ाव क्षेत्र के उन दर्जनों गांवों की है, जहां आज भी लोग स्थायी बिजली और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं।
सिकासार जीरो चेन में बेहोश मिली महिला, समय रहते पहुंची मदद
जानकारी के अनुसार, सिकासार जीरो चेन के पास एक महिला अचेत अवस्था में मिली। उसके कपड़े पूरी तरह भीगे हुए थे और शरीर पर चींटियों के काटने के निशान थे। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम के आरक्षक लोकेश्वर पटेल और चालक देवेंद्र तत्काल मौके पर पहुंचे और 108 संजीवनी एक्सप्रेस को सूचना दी।

108 की मेडिकल टीम में तैनात एमटी पूजा चक्रधारी मौके पर पहुंचीं और महिला को मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी पहचान रायपुर निवासी किरण शिंदे के रूप में हुई। मानसिक रूप से कमजोर होने के बावजूद महिला को अपने पति का मोबाइल नंबर याद था, जिसके आधार पर 108 टीम ने परिजनों से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने 112 और 108 की टीम की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
दूसरी तस्वीर: अंधेरे में डूबे हैं दर्जनों गांव
इसी विकासखंड के राजापड़ाव क्षेत्र की आठ ग्राम पंचायतों में से केवल तीन पंचायतों में ही आंशिक विद्युतीकरण हुआ है, जबकि पांच पंचायतों के दर्जनों गांव आज भी स्थायी बिजली सुविधा से वंचित हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में लगाए गए सोलर सिस्टम भी अब लगभग बंद हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार बैटरियां और इन्वर्टर खराब पड़े हैं, जिससे रात में आधे घंटे भी रोशनी नहीं मिलती।

बारिश में ढह गया सौर ऊर्जा केंद्र
भदरीपारा गांव में सौर ऊर्जा की बैटरियां रखने वाला कच्चा भवन हाल की भारी बारिश में ढह गया, जिसके बाद क्षेत्र की रोशनी व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। कोकड़ी, गरहाडीह, गौरगांव, कोचेंगा, भूतबेड़ा, गेदराबेड़ा, मोंगराडीह और भालूपानी सहित कई गांवों में रात होते ही घना अंधेरा छा जाता है।
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, बढ़ा हादसों का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बरसात के मौसम में सांप, बिच्छू और जंगली जानवरों का खतरा भी लगातार बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर सोलर सिस्टम बंद पड़े हैं, लेकिन कागजों में उन्हें चालू दिखाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि खराब सौर ऊर्जा सिस्टम की तत्काल मरम्मत कराई जाए या पूरे क्षेत्र का युद्धस्तर पर विद्युतीकरण कराया जाए, ताकि वर्षों से अंधेरे में जीवन गुजार रहे लोगों को राहत मिल सके। मैनपुर की ये दोनों तस्वीरें एक ओर प्रशासनिक तत्परता की सराहना कराती हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी की ओर ध्यान आकर्षित करती हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















