(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद।छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और परंपरा से जुड़े राजिम कुंभ कल्प के शुभारंभ से पहले ही सियासी घमासान तेज हो गया है। आयोजन को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कुंभ की व्यवस्थाओं, ठेका प्रक्रिया, शराब दुकानों को बंद न किए जाने और धान खरीदी की अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में सरकार का रवैया न केवल आस्था के विपरीत है, बल्कि जनता और किसानों के हितों के साथ भी खिलवाड़ है।
कुंभ के दौरान शराब दुकानें खुली, आस्था से खिलवाड़
अमितेश शुक्ल ने सबसे बड़ा सवाल यह उठाया कि कुंभ आयोजन के दौरान अब तक शराब दुकानों को बंद करने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, ऐसे में शराब दुकानों का खुला रहना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि,
“एक ओर सरकार कुंभ को भव्य बनाने की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर शराब दुकानों को बंद करने तक का फैसला नहीं ले पा रही है। यह आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ है।”

महंगे ठेकों पर उठाए सवाल, जनता की जेब पर बोझ
पूर्व विधायक ने कुंभ आयोजन से जुड़े इवेंट कंपनी और मीना बाजार के ठेकों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये ठेके अत्यधिक महंगे दरों पर दिए गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ेगा।
शुक्ल ने कहा कि भाजपा सरकार ने कुंभ का नाम बदलने के साथ-साथ उसकी भव्यता और गरिमा को भी कमजोर कर दिया है। पहले जहां यह आयोजन सादगी और धार्मिक गरिमा के लिए जाना जाता था, अब वहां व्यावसायिक सोच हावी होती नजर आ रही है।
धान खरीदी व्यवस्था पर सरकार को घेरा
कुंभ के साथ-साथ पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिले के कई खरीदी केंद्रों में भारी अव्यवस्था है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
उन्होंने कुंडेलभाठा संग्रहण केंद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि
“पिछले वर्ष यहां लगभग 27 करोड़ रुपए की सूखत सामने आई थी, लेकिन आज तक न तो दोषियों पर कार्रवाई हुई और न ही जवाबदेही तय की गई। इससे साफ है कि सरकार किसानों के मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है।”
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किसान परेशान, धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग
अमितेश शुक्ल ने कहा कि मौजूदा अव्यवस्था के कारण किसान बेहद परेशान हैं। कई किसानों के टोकन नहीं कट रहे, जिससे वे अपना पूरा धान बेच नहीं पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा तय किए गए खरीदी लक्ष्य भी पूरे नहीं किए जा सके हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि
- धान खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ाई जाए,
- किसानों को राहत देने के लिए व्यवस्था में सुधार किया जाए,
- और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
01 से 15 फरवरी तक होना है आयोजन
गौरतलब है कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन 01 फरवरी से 15 फरवरी तक प्रस्तावित है। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बीच, आयोजन से पहले उठ रहे ये सवाल सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनते नजर आ रहे हैं।
अब देखना होगा कि भाजपा सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या राजिम कुंभ कल्प आस्था, व्यवस्था और भव्यता के साथ अपने उद्देश्य को पूरा कर पाएगा या सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच विवादों में ही घिरा रहेगा।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















