(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। जिले में पिछले करीब 50 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ विकास कार्यों को भी बड़ा झटका दिया है। गुरुवार को उदंती नदी पर ओडिशा सरकार की ओर से लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा निर्माणाधीन पुल तेज बहाव की चपेट में आकर भरभराकर ढह गया। पुल का बड़ा हिस्सा नदी में समा जाने से छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच बनने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग प्रभावित हो गया है।

जानकारी के अनुसार यह पुल गरियाबंद जिले के अमलीगांव को ओडिशा के चार गांवों से जोड़ने के उद्देश्य से बनाया जा रहा था। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उदंती नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने और तेज बहाव का दबाव बढ़ने से निर्माणाधीन पुल की संरचना इसे सहन नहीं कर सकी और कुछ ही क्षणों में पुल का बड़ा हिस्सा ढह गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दौरान नदी में पानी का प्रवाह लगातार बढ़ रहा था। गुरुवार सुबह से ही पुल के आसपास बहाव तेज था, जिसके बाद अचानक पुल का एक हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया। घटना के बाद निर्माण कार्य पूरी तरह रुक गया है।

पुल ढहने से अमलीगांव और ओडिशा के सीमावर्ती गांवों के बीच आवागमन की भविष्य की योजना पर बड़ा असर पड़ा है। यह पुल बनने के बाद दोनों राज्यों के ग्रामीणों के लिए आवागमन, व्यापार और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होने वाली थी।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचने की तैयारी में जुट गए हैं। प्रारंभिक तौर पर भारी बारिश और तेज बहाव को पुल ढहने का प्रमुख कारण माना जा रहा है, हालांकि निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
लगातार हो रही बारिश के कारण गरियाबंद जिले की कई नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के पास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। पुल ढहने की घटना ने मानसूनी आपदा के बीच निर्माण कार्यों की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















