(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। पैरी नदी के तट पर स्थित सोहागपुर गौशाला में एक बार फिर मवेशियों की दयनीय स्थिति सामने आने का दावा किया गया है। लगातार बारिश के बीच गौशाला में जलभराव और अव्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में मवेशियों के सामने संकट खड़ा होने की बात ग्रामीणों और ग्राम युवा संगठन ने उठाई है।
ग्रामीणों के अनुसार, गौशाला परिसर में कई स्थानों पर पानी भर गया है और कुछ मृत मवेशियों के शव खुले में बिखरे होने का भी दावा किया गया है। स्थानीय ग्राम युवा संगठन और ग्रामीणों ने गौशाला पहुंचकर फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए तथा उन्हें मीडिया के साथ साझा करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है। उनका कहना है कि पैरी नदी का जलस्तर बढ़ने पर गौशाला चारों ओर से प्रभावित हो जाती है और वहां कार्यरत कर्मचारियों को भी कई बार प्रशासन की मदद से सुरक्षित बाहर निकालना पड़ता है। इसके बावजूद गौशाला को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने या स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि मवेशियों के रखरखाव के लिए हर महीने लाखों रुपये का सरकारी अनुदान मिलने के बावजूद गौशाला में चारा, साफ-सफाई, जल निकासी और सुरक्षित आश्रय जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं पर्याप्त क्यों नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो मवेशियों की जान पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है।

ग्राम युवा संगठन और ग्रामीणों ने प्रशासन से गौशाला की तत्काल जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मवेशियों के लिए सुरक्षित और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
नोट: यह समाचार ग्रामीणों एवं ग्राम युवा संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















