(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए लोकसभा में एक बड़ी पहल की है। सांसद ने गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में दबे दुनिया के सबसे दुर्लभ और बहुमूल्य रत्नों में से एक ‘एलेक्सेंड्राइट’ (Alexandrite) का मुद्दा सदन में प्रखरता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान इस बेशकीमती रत्न की उपेक्षा की ओर आकर्षित करते हुए इसके वैज्ञानिक सर्वेक्षण और पारदर्शी खनन की पुरजोर वकालत की।
शुक्रवार को सांसद रूपकुमारी चौधरी ने सदन के माध्यम से सरकार को अवगत कराते हुए बताया कि देवभोग का एलेक्सेंड्राइट अपनी अद्भुत रंग परिवर्तन क्षमता के लिए विश्व विख्यात है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे “Emerald by day, Ruby by night” (दिन में पन्ना, रात में माणिक) कहा जाता है। उन्होंने रेखांकित किया कि रूस, ब्राजील और श्रीलंका जैसे चुनिंदा देशों के बाद भारत का यह क्षेत्र इस रत्न का सबसे बड़ा संभावित केंद्र है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये प्रति कैरेट तक पहुंचती है।
श्रीमती चौधरी ने सदन में इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया कि इतने महत्वपूर्ण खनिज संकेत होने के बावजूद अब तक इस क्षेत्र में अपेक्षित गति से व्यापक वैज्ञानिक अन्वेषण प्रारंभ नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि:
“उचित सरकारी प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के अभाव में इस बहुमूल्य राष्ट्रीय संपदा की अवैध निकासी और तस्करी की आशंकाएं बनी रहती हैं। इससे न केवल छत्तीसगढ़ को राजस्व की भारी हानि हो रही है, बल्कि एक बड़ा वैश्विक अवसर भी हमारे हाथ से निकल रहा है।”
सांसद ने इस मुद्दे को सीधे तौर पर स्थानीय रोजगार और विकास से जोड़ा। उन्होंने तर्क दिया कि यदि केंद्र सरकार इस क्षेत्र में पारदर्शी और आधुनिक खनन व्यवस्था विकसित करती है।
• स्थानीय उत्थान: गरियाबंद और देवभोग जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
• ग्लोबल हब: छत्तीसगढ़ का यह अंचल अंतरराष्ट्रीय ‘जेम एंड ज्वेलरी’ उद्योग का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
• अर्थव्यवस्था को मजबूती: इस खनिज से प्राप्त राजस्व क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याणकारी योजनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
सदन के जरिए सांसद रूपकुमारी चौधरी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि देवभोग क्षेत्र में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के जरिए व्यापक संसाधन आकलन कराया जाए। साथ ही, अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अत्याधुनिक निगरानी तंत्र स्थापित करने और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की दिशा में त्वरित कदम उठाने की मांग की।
महासमुंद सांसद के इस प्रभावी और दूरदृष्टि पूर्ण हस्तक्षेप के बाद अब क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि देवभोग की यह “ छिपी हुई अनमोल संपदा “ जल्द ही राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में शामिल होगी।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















