(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से सुशासन के दावों के बीच एक बेहद मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला देवभोग विकासखंड के माडागांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम का है, जहां अपनी समस्या लेकर पहुंचे एक बुजुर्ग कमार दंपत्ति ने जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के पैरों पर गिरकर पक्के मकान की गुहार लगाई।
जानकारी के मुताबिक बरही गांव निवासी यह दंपत्ति विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) कमार समुदाय से संबंध रखता है। लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान पाने की उम्मीद में दफ्तरों के चक्कर काट रहे इस दंपत्ति को अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला था। कार्यक्रम में जब अधिकारियों द्वारा लोगों की समस्याएं सुनी जा रही थीं, तभी बुजुर्ग दंपत्ति अचानक सीईओ के सामने दंडवत होकर जमीन पर लेट गया और अपने लिए छत की मांग करने लगा।
यह दृश्य देखकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग भावुक हो उठे। जिन्हें शासन “राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र” कहकर विशेष संरक्षण और प्राथमिकता देने की बात करता है, वही आज मूलभूत सुविधा के लिए अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाने को मजबूर दिखाई दिए।
घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर योजनाओं और सर्वे के दावों के बावजूद जरूरतमंद परिवार अब भी आवास जैसी बुनियादी सुविधा से क्यों वंचित हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए कई योजनाएं संचालित होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस घटना ने प्रशासनिक सर्वे, पात्रता सूची और योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















