विजय कुमार विश्वकर्मा की रिपोर्ट
(संवाद एक्सप्रेस)शहडोल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रगतिशील सोच और लोककल्याणकारी नीतियों के चलते मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय कर्मचारियों और उनके परिवारों को एक बड़ा सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा कवच मिला है। राज्य सरकार ने सेवाकाल के दौरान असमय काल कवलित होने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को संबल प्रदान करने के लिए अनुग्रह अनुदान देने का एक अत्यंत संवेदनशील निर्णय लिया है। सरकार का यह कदम नगरीय प्रशासन के मैदानी कार्यकर्ताओं के सुरक्षित भविष्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
इस कल्याणकारी निर्णय के तहत मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2017 के दायरे में आने वाले नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर परिषद के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। सेवा में रहते हुए किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत दी जाने वाली राशि की गणना कर्मचारी के बैण्ड वेतन तथा ग्रेड पे के सम्मिलित योग के छह गुना के बराबर की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 1,25,000 रुपये (एक लाख पच्चीस हजार रुपये) निर्धारित की गई है।
यह हितैषी निर्णय 1 अप्रैल, 2025 और उसके उपरांत घटित होने वाले सभी प्रकरणों पर समान रूप से प्रभावशील होगा। इस घोषणा से नगरीय निकायों के मैदानी अमले में हर्ष की लहर है, क्योंकि दुःख की घड़ी में मिलने वाली यह त्वरित सहायता उनके आश्रित परिवारों को तात्कालिक आर्थिक संकट से उबारने और उन्हें एक सामाजिक संबल देने में बेहद मददगार साबित होगी।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















