( संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पंपों पर बोतल और जर्किन में पेट्रोल देने पर लगी रोक का असर अब गांव-गांव तक दिखने लगा है। लेकिन गरियाबंद में एक युवक ने ऐसा “नियमसम्मत जुगाड़” निकाला कि लोग हंसते-हंसते उसकी तारीफ करने लगे। मामला अब सोशल मीडिया पर वायरल है और लोग इसे “देसी दिमाग की मास्टर क्लास” बता रहे हैं।
घटना गरियाबंद-रायपुर रोड स्थित शांति फ़्यूल्स पेट्रोल पंप की है, जहां मंगलवार को अचानक एक ट्रैक्टर-ट्रॉली एंट्री मारती है। पंप कर्मचारी सोच रहे थे कि शायद खाद-बीज आया होगा या ट्रैक्टर में डीजल भरवाना होगा… लेकिन ट्रॉली में रखा था एक पूरा मोटरसाइकिल!
कुछ देर के लिए पंप पर ऐसा माहौल बन गया मानो बाइक खुद इलाज कराने अस्पताल पहुंच गई हो। आसपास मौजूद लोग ट्रॉली में रखी बाइक को देखकर हैरान थे और युवक पूरी गंभीरता से अपनी “पेट्रोल आपदा” की कहानी सुना रहा था।
दरअसल युवक रास्ते में बाइक का पेट्रोल खत्म होने से फंस गया था। पहले उसने सोचा कि किसी तरह बोतल या जर्किन में पेट्रोल मिल जाए, लेकिन शासन के नियम अब इतने सख्त हैं कि पंप वालों ने साफ मना कर दिया। अब या तो बाइक धक्का मारो… या दिमाग दौड़ाओ।

युवक ने दूसरा रास्ता चुना।
उसने गांव से गुजर रहे एक ट्रैक्टर चालक से मदद मांगी। ट्रैक्टर चालक भी मानो “ऑपरेशन पेट्रोल बचाओ” का हिस्सा बन गया। फिर क्या था — बाइक ट्रॉली में लादी गई और सीधे पेट्रोल पंप पहुंचा दी गई। यानी इस बार पेट्रोल बाइक तक नहीं पहुंचा… बाइक ही पेट्रोल तक पहुंच गई।
पेट्रोल पंप में जब कर्मचारियों ने पूछा कि “भाई ये क्या नया सिस्टम है?” तो युवक ने मासूमियत से जवाब दिया — “नियम तोड़ना नहीं था, इसलिए बाइक को ही ले आया।”
युवक की बात सुनते ही वहां मौजूद लोग हंस पड़े। कई लोगों ने कहा कि नियम पालन का ऐसा शानदार उदाहरण पहली बार देखा है। सोशल मीडिया पर भी वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। कोई इसे “देसी लॉजिस्टिक्स” बता रहा है तो कोई “ग्रामीण स्टार्टअप मॉडल”।
पंप संचालक दीप सिन्हा ने भी वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि लोग अब नियमों को गंभीरता से ले रहे हैं और सुरक्षित तरीका अपना रहे हैं।
उधर सोशल मीडिया यूजर्स भी पीछे नहीं हैं। एक यूजर ने लिखा —
“जब जर्किन बैन हो जाए, तो ट्रॉली ही असली टंकी बन जाती है।”
वहीं दूसरे ने कमेंट किया —
“ये है असली ‘व्हीकल टो व्हीकल फ्यूल सर्विस’!”
फिलहाल गरियाबंद में यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग युवक की समझदारी के साथ-साथ उसके देसी जुगाड़ का भी जमकर आनंद ले रहे हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















