(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ के सुचारू क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गरियाबंद जिले में बड़े स्तर पर ई-केवाईसी (E-KYC) प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कलेक्टर कार्यालय (महिला एवं बाल विकास विभाग) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिले के लगभग 1.65 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
सीएससी के माध्यम से होगा कार्य, प्रशिक्षण जारी
योजना के सफल संचालन के लिए जिले के पांचों ब्लॉकों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सीएससी डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) परमानंद साहू द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी सीडीपीओ (CDPO), सेक्टर सुपरवाइजर और सीएससी वीएलई (VLE) को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ई-केवाईसी प्रक्रिया को त्रुटिरहित और तेज बनाना है।
कहाँ और कैसे होगा ई-केवाईसी?
हितग्राहियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक व्यवस्था की है।
ग्रामीण क्षेत्र:
ग्राम पंचायतों के आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
शहरी क्षेत्र:
यह कार्य आंगनवाड़ी केंद्रों, वार्डों या अन्य ऐसे स्थानों पर आयोजित शिविरों के माध्यम से किया जाएगा, जहाँ बिजली और पानी की पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध हों।
निगरानी: पूरी प्रक्रिया का सुपरविजन सीएससी डीएम, महिला बाल विकास के सीडीपीओ और सेक्टर सुपरवाइजर करेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगी।
हितग्राही न हों परेशान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महतारी वंदन योजना के किसी भी पात्र हितग्राही को ई-केवाईसी के लिए परेशान होने या पैनिक (घबराने) की आवश्यकता नहीं है। सभी पंजीकृत हितग्राहियों का ई-केवाईसी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि पर प्रशिक्षण पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















