(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। फिल्मों में आपने “सुपारी किलिंग” बहुत देखी होगी, लेकिन गरियाबंद के जंगल में इस बार मामला बाघ की सुपारी तक पहुंच गया। फर्क बस इतना रहा कि शिकारी जंगल को अपना इलाका समझ बैठे, जबकि वन विभाग पहले से ही उनकी “वेटिंग” में बैठा था।
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार की साजिश रचने पहुंचे ओडिशा के 7 आरोपी अब खुद सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। जंगल में बाघ ढूंढने निकले शिकारियों को शायद अंदाजा नहीं था कि इस बार बाघ नहीं, बल्कि एंटी पोचिंग टीम उनकी तलाश में घूम रही है।

बताया जा रहा है कि पूरे ऑपरेशन की पटकथा बड़े आराम से लिखी गई थी। बाघ की खाल का “ऑर्डर” दिया गया, गांवों में “नेटवर्क” तैयार हुआ, जहर की व्यवस्था हुई, तीर-कमान की बात हुई और कटफाड़ गांव के कुछ लोगों को मिशन पर लगा दिया गया। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब वन विभाग को पहले ही भनक लग गई।
वन विभाग ने भी कम तैयारी नहीं की। पांच दिन पहले ही ओडिशा बॉर्डर के पहाड़ों और बीहड़ों में तीन कैंप लगा दिए गए। मतलब शिकारी सोच रहे थे कि वे जंगल में “सीक्रेट मिशन” चला रहे हैं, जबकि विभाग उन्हें लाइव ट्रैक कर रहा था।

पहले पकड़े गए 76 वर्षीय रमन हेरना, जिनके पास से चीतल का सींग मिला। पूछताछ में उन्होंने पूरी “स्क्रिप्ट” खोल दी। बताया कि बाघ की खाल दिलाने का ठेका दिया गया था और जहर डालकर शिकार करने की योजना बनाई गई थी।
इसके बाद जब टीम मौके पर पहुंची तो कुछ आरोपी नाले में जहर डालकर मछलियां और केकड़े मार रहे थे। शायद उन्हें लगा होगा कि जंगल में कोई CCTV नहीं होता। लेकिन यहां तो थर्मल ड्रोन उड़ रहे थे और एंटी पोचिंग टीम चारों तरफ तैनात थी।

मौके से जहर की बोतल, मरी मछलियां और केकड़े बरामद हुए। अब वही शिकारी अदालत और जेल के चक्कर काट रहे हैं। सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
वन विभाग ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जंगल में अब बाघ से ज्यादा डर शिकारियों को गश्ती टीम और ड्रोन का सता रहा है।
फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उधर जंगल के बाघों ने शायद राहत की सांस ली होगी कि इस बार “शिकारी खुद शिकार” हो गए।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















