(संवाद एक्सप्रेस)छुरा/गरियाबंद। गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित कोटरी नाला जलाशय में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक प्रतिबंधित बंद ऋतु के दौरान मछली पकड़ने के लिए जलाशय में उतरा था। घटना स्थल से मछली पकड़ने का जाल और पकड़ी गई मछलियां भी बरामद हुई हैं, जिससे अवैध मछली आखेट की पुष्टि होने के संकेत मिले हैं।
मृतक की पहचान माखन कमार (35 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कुरूभाठा का निवासी था और पिछले कई वर्षों से परसदा खुर्द स्थित अपने ससुराल में रह रहा था। बताया जा रहा है कि वह कोटरी नाला जलाशय में मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से वह डूब गया। सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और छुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

जाल और मछलियां बरामद
घटनास्थल से मछली पकड़ने में इस्तेमाल किया गया जाल तथा पकड़ी गई मछलियां भी बरामद हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक मछली पकड़ने के उद्देश्य से ही जलाशय में गया था। ऐसे में यह हादसा केवल डूबने की घटना नहीं, बल्कि बंद ऋतु के दौरान प्रतिबंधित मछली आखेट की गतिविधियों की ओर भी इशारा करता है।
बंद ऋतु में मछली पकड़ने पर है प्रतिबंध
गौरतलब है कि हर वर्ष 15 जून से 15 अगस्त तक मछलियों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने के लिए जलाशयों, नदियों और बांधों में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध रहता है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों से अवैध रूप से जाल डालकर मछली पकड़ने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रभावी निगरानी और कार्रवाई होती, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।

5 साल का बेटा हुआ अनाथ
हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। माखन कमार की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। अब उसकी मौत के बाद उसका 5 वर्षीय इकलौता बेटा पूरी तरह अनाथ हो गया है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस जांच में जुटी
छुरा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
अब उठ रहे हैं सवाल
कोटरी नाला जलाशय में हुए इस हादसे ने बंद ऋतु के दौरान अवैध मछली आखेट पर निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि प्रतिबंध अवधि में नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। अब लोगों की नजरें जांच और संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















