(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। आदिवासी विकासखंड के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विकासखंड गरियाबंद के दस पंचायतों में उपस्वास्थ केन्द्र भवन निर्माण की स्वीकृति कराई गई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमति लालिमा पारस ठाकुर के सतत प्रयासों और जनहित में की गई पहल के परिणामस्वरूप क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है। श्रीमती ठाकुर ने कहा कि उक्त कार्य की स्वीकृति मिलने में सबसे अहम योगदान सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी राजिम विधायक श्री रोहित साहू एवं भाजपा ज़िलाध्यक्ष श्री अनिल चंद्राकर जी का है । लंबे समय से स्वास्थ्य संसाधनों की कमी से जूझ रहे ग्रामीणों को अब उपचार, जांच और अन्य आवश्यक चिकित्सीय सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ठाकुर ने क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभाग के मंत्री एवं अधिकारियों के समक्ष आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं को व्यवस्थित करने हेतु वनांचल क्षेत्र के गाँवो में उपस्वास्थ केन्द्र भवन निर्माण की मांग की थी। इसके तहत स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की नियुक्ति, आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था तथा भवन और आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष जोर दिया गया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर उपचार मिलेगा तथा गंभीर मरीजों को दूरस्थ शहरों की ओर जाने की मजबूरी कम होगी। इससे आदिवासी अंचल के लोगों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य सुरक्षा में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।जिन पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधाएं की सौगात मिली है उनमें बारुला, कौंदकेरा, खरहरी, बरबहारा, हरदी, मोहंदा, दर्रिपारा, जोबा, सढ़ौली एवं सिकासेर शामिल हैं । इन सभी गाँवों में प्रत्येक उपस्वास्थ केंद्र भवन निर्माण हेतु 28.51 लाख की स्वीकृत प्राप्त हुई है । श्रीमती ठाकुर ने उक्त कार्य की स्वीकृति मिलने पर प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय जी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल जी,सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी जी, विधायक श्री रोहित साहू जी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अनिल चंद्राकर के प्रति आभार व्यक्त किए हैं ।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















